| | 1 2 Selecciona el formato de audio: 3
|
| | 1 2 Selecciona el formato de audio: 3
|
पर्वत पर चढ़ते समय मार्ग में १६वें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ का सुंदर जिनालय आता है, जहाँ दूसरा चैत्यवंदन किया जाता है।
उत्तम ठाणे ठियं वंदे, जिणं तं चरिमे त्ति संतं। अहं करेमि वंदणं, तुहं साहु पसीद मे।। palitana 5 chaityavandan in hindi full
पालीताना (शत्रुंजय महातीर्थ) की यात्रा में 5 मुख्य चैत्यवंदन palitana 5 chaityavandan in hindi full
इच्छामि वंदितुं जिणे, सव्वसिद्धे महाबले। लोगस्स उज्जोयगरे, दिण्णचक्के वरासणे।। palitana 5 chaityavandan in hindi full
चैत्यवंदन क्या है और इसका महत्व?
3. Third Chaityavandan: Rayan Pagla (रायरण पगला)